मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बन रहे ब्रेन ट्यूमर का खतरा! युवाओं में तेजी से बढ़ रहे मामले
*दिमाग की तरंगों और मोबाइल के संपर्क से बढ़ सकता है ब्रेन ट्यूमर का जोखिम, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी*
देहरादून। आधुनिक जीवनशैली में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बढ़ता उपयोग अब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल फोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें और दिमाग की प्राकृतिक विद्युत गतिविधियां आपस में संपर्क कर ऐसी कोशिकाओं को प्रभावित कर सकती हैं, जो ब्रेन ट्यूमर के विकास में भूमिका निभाती हैं। यही कारण है कि हाल के वर्षों में ब्रेन ट्यूमर के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की भी शामिल है।
*हर महीने सामने आ रहे नए मामले*
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. पंकज अरोड़ा के अनुसार, उनके पास हर महीने लगभग 20 नए मरीज ब्रेन ट्यूमर की पहचान के साथ पहुंच रहे हैं। पांच वर्ष पहले यह संख्या लगभग आधी थी। वर्तमान में हर सप्ताह 5 से 6 मरीजों के ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन किया जा रहा है, जो इस बीमारी के बढ़ते खतरे को दर्शाता है।
*युवाओं से बुजुर्गों तक बढ़ा खतरा*
विशेषज्ञों के अनुसार, 20 वर्ष के युवाओं से लेकर 60-70 वर्ष तक के बुजुर्ग भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। शुरुआती चरणों में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, जिसके कारण अधिकांश मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं और उपचार जटिल हो जाता है।
*दौरे को न करें नजरअंदाज*
डॉ. अरोड़ा बताते हैं कि अचानक दौरा पड़ना ब्रेन ट्यूमर का शुरुआती संकेत हो सकता है। इसके अलावा लगातार सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, कानों में झनझनाहट तथा संतुलन संबंधी समस्याएं भी इसके लक्षण हो सकते हैं। ऐसे संकेत दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
*हर गांठ कैंसर नहीं होती*
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि मस्तिष्क में बनने वाली प्रत्येक गांठ कैंसरयुक्त नहीं होती। समय पर जांच और उपचार से कई मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
*ब्रेन ट्यूमर से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां*
● मोबाइल फोन पर लंबे समय तक लगातार बात करने से बचें।
● इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अनावश्यक और अत्यधिक उपयोग कम करें।
● हैंड्स-फ्री या स्पीकर मोड का उपयोग करें।
● धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाएं।
● किसी भी असामान्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण को नजरअंदाज न करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक का संतुलित उपयोग और समय पर स्वास्थ्य जांच ही ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। जागरूकता और सावधानी से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0